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दिल्ली वाले अब ऑक्सीजन सिलेंडर लगवाएं या मास्क? AQI 450 पार, जहरीली स्मॉग की मोटी चादर में लिपटा शहर

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 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का कहर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. बुधवार की सुबह दिल्लीवासियों को बहुत खराब वायु गुणवत्ता के साथ दिन की शुरुआत करनी पड़ी. हवा में घुला जहर इतना बढ़ गया है कि लोग सुबह उठते ही एक ही सवाल पूछ रहे हैं आखिर सांस लें तो कैसे?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के मुताबिक सुबह 7 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 दर्ज हुआ, जो मंगलवार के औसत 372 से अधिक है और बेहद खराब श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर गंभीर श्रेणी की सीमा के बेहद करीब है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है.

धुंध की मोटी परत में लिपटी दिल्ली

सुबह से ही दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में घनी धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई. कई क्षेत्रों में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया.

  • चांदनी चौक में AQI 431 दर्ज स्थिति सबसे भयावह
  • जहांगीरपुरी में AQI 406
  • जेएलएन स्टेडियम के पास AQI 405
  • CPCB के अनुसार 400 से ऊपर का AQI सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है, जो सांस रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

AQI श्रेणियां क्या कहती हैं?

CPCB के मुताबिक 0 से 500 के AQI को छह श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  • 0–50: अच्छा- स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं
  • 51–100: संतोषजनक- संवेदनशील व्यक्तियों को हल्की असुविधा
  • 101–200: मध्यम – हृदय, फेफड़े व अस्थमा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत
  • 201–300: खराब
  • 301–400: बहुत खराब
  • 401–500: गंभीर –  स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव, सामान्य लोगों को भी परेशानी

राहत सिर्फ कुछ घंटों की, हवा फिर बिगड़ी

शनिवार को हल्की राहत मिलने के बाद सोमवार से एक बार फिर हवा खराब होने लगी. 30 नवंबर को दिल्ली में 24 दिनों से जारी ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा का दौर रुका था. तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने दिल्ली समेत एनसीआर—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान को साफ किया था. लेकिन यह राहत बहुत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी और बुधवार तक फिर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई.

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