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बिहार हार के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व पर फिर सवाल, अब तक कितनी जीत मिली?

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बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और उसके नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी की चुनावी प्रदर्शन को लेकर जोरदार चर्चा छिड़ी हुई है. कांग्रेस जहां हार की वजह “वोटचोरी” को बता रही है, वहीं विपक्ष यह दावा कर रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगभग सौ चुनाव हार चुकी है. इन दावों की सच्चाई समझने के लिए राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा पर नजर डालना जरूरी है.

राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से लोकसभा में प्रवेश किया और तीन साल बाद पार्टी ने उन्हें महासचिव बनाया. इस दौरान वह यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को नए ढांचे में ढालने की कोशिश में जुटे रहे. 2013 में उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया और 2014 लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे. 2017 में वह पार्टी अध्यक्ष बने, लेकिन 2019 की हार के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया. 2024 में वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में लौटे.

यूपी से राष्ट्रीय राजनीति तक

राजनीति में कदम रखने के शुरुआती सालों में राहुल गांधी की रणनीति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश पर केंद्रित रही. 2007 के विधानसभा चुनाव से उन्होंने सक्रिय रूप से चुनाव अभियान को दिशा दी. 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को यूपी से 21 सीटें मिलीं, लेकिन 2012 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस चौथे स्थान पर खिसक गई.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का असल चुनावी रिपोर्ट कार्ड 2014 से बनना शुरू हुआ, जब कांग्रेस सिर्फ 44 सीटों पर सिमट गई. उसके बाद कई राज्यों में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा.

चुनौतीपूर्ण दशक 

राहुल गांधी के समर्थक कहते हैं कि यूपीए सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का सीधा बोझ राहुल के राजनीतिक करियर पर पड़ा. उन्हें वंशवाद का प्रतीक बताया गया और उनकी क्षमताओं पर सवाल उठे. पार्टी की आंतरिक गुटबाजी ने भी स्थितियों को और जटिल बना दिया.

इसके बावजूद राहुल लगातार बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोलते रहे. 2018 में कांग्रेस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता हासिल की, लेकिन 2019 में फिर भारी हार का सामना करना पड़ा. अमेठी से उनकी अपनी सीट भी चली गई.

2022 में शुरू हुई “भारत जोड़ो यात्रा” ने राहुल की छवि को नई ऊर्जा दी. इसके बाद कर्नाटक, हिमाचल और तेलंगाना में पार्टी को जीत मिली. 2024 लोकसभा में कांग्रेस ने अपनी सीटें दोगुनी कीं.

कितने चुनाव जीते और कितने हारे?

सही गणना के अनुसार, राहुल गांधी की सक्रिय नेतृत्व अवधि में कांग्रेस ने 3 लोकसभा और 74 विधानसभा चुनाव लड़े हैं. इनमें से 63 चुनावों में हार और सिर्फ 9 में सीधी जीत मिली. 7 चुनाव ऐसे रहे, जहां कांग्रेस गठबंधन की जूनियर पार्टनर थी. कुल मिलाकर पार्टी लगभग 80% चुनावों में असफल रही.

आगे की चुनौतियां

2024 के बाद हरियाणा और महाराष्ट्र में उम्मीद के विपरीत नतीजों ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया. दिल्ली में लगातार तीसरी बार पार्टी खाता भी नहीं खोल सकी. हालांकि झारखंड और जम्मू कश्मीर में गठबंधन को सफलता मिली, लेकिन यहां भी कांग्रेस की भूमिका छोटी ही रही.

अब कांग्रेस वोटचोरी का आरोप लगाकर मैदान में डटी हुई है, लेकिन बिहार के नतीजों ने पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक दिशा में बदलाव करते हैं या फिर मौजूदा रुख को जारी रखते हैं.

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